भागलपुर नगर निगम ने शहर को आधुनिक बनाने के लिए एक अरबों रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली की तर्ज पर पालिका बाजार, मल्टीप्लेक्स, मॉल, फूड कोर्ट और कोल्ड स्टोरेज का निर्माण होगा, जिससे रोजगार और आय बढ़ेगी।
बिहार के सिल्क सिटी भागलपुर को महानगरों की तर्ज पर व्यवस्थित और बेहद आधुनिक बनाने के लिए एक ऐतिहासिक विकास योजना को हरी झंडी मिल गई है। शहरी क्षेत्र में विकास की रफ्तार को सुपरफास्ट करने के लिए सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत भागलपुर नगर निगम के करीब 58 बड़े प्रस्तावों को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इस महायोजना की आधिकारिक सूचना मिलते ही निगम प्रशासन ने 3200 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम योजना के जमीनी क्रियान्वयन के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दिल्ली की कंसलटेंट एजेंसी चार हफ्तों में सौंपेगी फाइनल DPR
नगर निगम की अचल संपत्तियों का पहली बार पूरी तरह से व्यावसायिक उपयोग करने के लिए दिल्ली की प्रसिद्ध कंसलटेंट एजेंसी ‘आल्मांज ग्लोबल इंफ्रा’ का चयन किया गया है। इस नामचीन एजेंसी को भागलपुर समेत पटना, मुंगेर, दरभंगा और हाजीपुर शहरों का भी मास्टर डीपीआर तैयार करने का विशेष लक्ष्य दिया गया है। सरकार ने इस टीम को मात्र चार सप्ताह के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया है, जिसके तुरंत बाद बजट का आवंटन शुरू होगा।
25% केंद्र और 25% राज्य देगी, आधा फंड बैंक लोन और PPP मोड से आएगा
इस भव्य योजना की वित्तीय रूपरेखा के अनुसार, कुल लागत का 25 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा, बाकी बचा हुआ 50 प्रतिशत फंड नगर निगम स्वयं बैंक ऋण (लोन) के माध्यम से या फिर पीपीपी (PPP) मोड पर निजी कंपनियों के साथ मिलकर जुटाएगा। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के तहत शहर में करीब 2.77 लाख वर्ग मीटर से अधिक के विशाल भूखंड पर आधुनिक भवनों और अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाओं की वार्डवार सूची (मुख्य आकर्षण):
- लाजपत पार्क का बेसमेंट (वार्ड 20): दिल्ली के मशहूर कनॉट प्लेस की तर्ज पर 34 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड पालिका बाजार बनेगा, जिसमें 784 दुकानें और 373 वाहनों की पार्किंग होगी।
सीटीएस के पीछे (वार्ड 6): करीब 196.77 करोड़ की लागत से 8 मंजिला भव्य कॉम्प्लेक्स बनेगा, जिसमें हाईटेक मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट और 4,770 कमर्शियल दुकानें होंगी।
निगम गोदाम तातारपुर (वार्ड 15):62.13 करोड़ की लागत से 10 मंजिला विशाल इमारत बनेगी, जिसमें निगम के वाहनों की ग्राउंड पार्किंग और 1500 आधुनिक दुकानें होंगी।
ललित भवन (वार्ड 23):10.54 करोड़ की लागत से कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त सभागार (ऑडिटोरियम) और फूड कोर्ट विकसित होगा।
बाजार समिति अर्बन हाट (वार्ड 42):557.36 करोड़ की बंपर लागत से पूरे अर्बन हाट और व्यावसायिक बाजार का कायाकल्प कर इसे नया रूप दिया जाएगा।
कौवाकोली नाथनगर (ग्रामीण क्षेत्र): किसानों के लिए 600.92 करोड़ की भारी लागत से सीमांचल का सबसे बड़ा हाईटेक कोल्ड स्टोरेज बनाया जाएगा, जिसकी ऊंचाई 20 मीटर होगी।
लाजपतनगर हाजीशाहपुर (ग्रामीण क्षेत्र):3632 करोड़ के अनुमानित टर्नओवर के साथ एक विशाल अंतरराष्ट्रीय स्तर का शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स सिनेमाघर तैयार किया जाएगा।
11 मंजिला बनेगा नगर निगम का दफ्तर, जनता के सुझाव पर फाइनल होगा डिजाइन
इस महाप्लान की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि नगर निगम परिसर में ही एक बेहद आलीशान 11 मंजिला मुख्य प्रशासनिक सह व्यावसायिक भवन बनाया जा सकता है। निगम की खाली पड़ी जमीनों पर कहीं चार तो कहीं 11 मंजिला बहुमंजिला इमारतों का जाल बिछाया जाएगा, जिनका पूरी तरह से कमर्शियल उपयोग किया जाएगा। इन भव्य मॉलों और भवनों में राष्ट्रीयकृत बैंक, प्राइवेट ऑफिस, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट, अत्याधुनिक जिम और लाइब्रेरी की विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
अस्पताल और होटल संचालकों के साथ बुधवार को होगी ‘इन्वेस्टर्स मीट’
इस पूरी योजना के तहत शहर में 11,718 वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग और 49,366 नई व्यावसायिक दुकानें बनाई जाएंगी, जिससे 30 हजार लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। दिल्ली की 28 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ग्राउंड सर्वे के लिए भागलपुर आ रही है, जिससे पहले बुधवार को स्मार्ट सिटी सभागार में एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है। इस विशेष ‘इन्वेस्ट मीट’ में शहर के बड़े अस्पताल, मॉल और होटल संचालकों को आमंत्रित कर उनकी पसंद और जरूरत के अनुसार ही भवनों का आर्किटेक्चरल डिजाइन तय किया जाएगा।